अमलाई में कट्टे से हवाई फायरिंग का विरोध करने पर मुर्गी दुकानदार की सीने में मारी गोली, मौत, भड़के परिजनों ने नेशनल हाईवे पर 4 घंटे लगाया चक्काजाम
मध्यप्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले के सीमावर्ती अमलाई थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां सोमवार की रात एक मुर्गी दुकान संचालक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।

आरोपी ने पहले दुकान के सामने पहुंचकर हवाई फायरिंग की, और जब दुकानदार ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने सीधे उसके सीने में गोली दाग दी।
इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे-43 पर शव रखकर करीब चार घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया, जिससे हाईवे पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खूनी वारदात अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर गांव में सोमवार की रात करीब 9:30 बजे घटित हुई। गांव में 27 वर्षीय युवक रज्जन कहार अपनी मुर्गी (चिकन) की दुकान पर था। इसी दौरान इलाके का रसूखदार आरोपी राजकुमार शर्मा उर्फ लल्ला महराज अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से दुकान पर पहुंचा। आरोपी ने वहां आते ही अपनी कमर से 315 बोर का अवैध कट्टा निकाला और धौंस जमाने के लिए हवा में फायरिंग कर दी।
दुकान पर मौजूद रज्जन कहार ने जब इस सरेआम गुंडागर्दी और हवाई फायरिंग का विरोध करते हुए मना किया, तो आरोपी राजकुमार शर्मा आगबबूला हो गया। दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और इसी विवाद के दौरान आरोपी ने कट्टा रज्जन के सीने पर सटाकर ट्रिगर दबा दिया।
गोली चलते ही तेज आवाज के साथ रज्जन लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। अचानक हुई इस वारदात से आसपास के लोग और परिजन सकते में आ गए। आनन-फानन में परिजन खून से लथपथ रज्जन को लेकर अनूपपुर जिला अस्पताल भागे, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना से गुस्साए परिजन मंगलवार की सुबह अस्पताल में ही धरने पर बैठ गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी न होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की काफी समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और दोपहर में शव का पोस्टमार्टम किया जा सका।
इसके बाद मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब मंगलवार की दोपहर करीब 2:00 बजे मृतक के परिजन और रामपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण अमलाई थाना क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे-43 के श्रीवास्तव मोड़ पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने हाईवे के बीचों-बीच जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। यह चक्काजाम करीब चार घंटे से भी अधिक समय तक चला। शाम करीब 6:00 बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन और एसडीओपी विकास पांडेय द्वारा लिखित रूप से जल्द कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया गया। जाम खुलने के बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका और पुलिस अब आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।


