पूर्व IAS डॉ. अशोक भार्गव विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य मनोनीत, विंध्य और इंदौर में हर्ष की लहर
रीवा व शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर को मिली राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी परिषद को मिलेगी नई ऊर्जा और वैश्विक गति
रीवा/इंदौर।
रीवा एवं शहडोल संभाग के पूर्व कमिश्नर व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अशोक कुमार भार्गव को विश्व हिन्दी परिषद का राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य मनोनीत किया गया है।
परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने डॉ. भार्गव के लंबे प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व क्षमता और हिन्दी के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण को देखते हुए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की घोषणा की है।
विश्व हिन्दी परिषद हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए समर्पित देश की अग्रणी संस्था है। परिषद का मुख्य ध्येय हिन्दी को विश्वभाषा के गौरवपूर्ण स्थान तक पहुँचाना है।
डॉ. भार्गव के इस मनोनयन पर परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि उनके सांगठनिक कौशल से संस्था की गतिविधियों को नई दिशा, ऊर्जा और गति मिलेगी, जिससे सदस्यता विस्तार और सांस्कृतिक आयोजनों को वैश्विक स्तर पर एक नई ऊँचाई प्राप्त होगी।
डॉ. भार्गव के इस राष्ट्रीय स्तर पर मनोनयन से विंध्य और शहडोल संभाग सहित पूरे मध्य प्रदेश के बौद्धिक और साहित्यिक जगत में हर्ष की लहर है
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य यार्लगड्ढा लक्ष्मी प्रसाद, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. देवी प्रसाद मिश्रा एवं राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नन्दकिशोर साह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
वर्तमान में नागरी लिपि परिषद के अध्यक्ष और ख्यातिप्राप्त लेखक, विचारक व ओजस्वी वक्ता डॉ. अशोक भार्गव ने इस अवसर पर कहा कि हिन्दी हमारी अस्मिता की पहचान और भारत की आत्मा है।
हिन्दी को विश्वभाषा बनाने के लिए हम सबको एकजुट होकर निरंतर जमीनी और वैश्विक स्तर पर प्रयास करने होंगे।


