कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ पर अभद्र व्यवहार व मानसिक प्रताड़ना के आरोप, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
रीवा जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विभागीय कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा संगठन ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और अनावश्यक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
संयुक्त मोर्चा संगठन द्वारा आयुक्त रीवा संभाग को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के पदभार ग्रहण करने के बाद से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ लगातार अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि बैठकों में अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है और छोटी-छोटी बातों पर वेतन कटौती, वेतनवृद्धि रोकने, निलंबन और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की धमकी दी जाती है।

“दबाव और प्रताड़ना से बिगड़ रही कर्मचारियों की हालत”
ज्ञापन में दावा किया गया है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण विभागीय कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि नईगढ़ी जनपद पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक राजेंद्र गुप्ता की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि सिरमौर जनपद पंचायत में पदस्थ एपीओ मनरेगा श्रीमती सुनीता शुक्ला बैठक के दौरान अत्यधिक दबाव और फटकार के बाद अस्पताल के आईसीयू तक पहुंच गईं।
“5-6 महीने से नहीं मिला वेतन”
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 5 से 6 महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट के बीच काम करने के बावजूद प्रशासन द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना दी जा रही है।
देर रात मीटिंग और कार्रवाई की धमकी से नाराज कर्मचारी
ज्ञापन में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रतिदिन 100 सीसी जारी कराने के दबाव और बाद में वसूली की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही महिला कर्मचारियों सहित पूरे अमले से देर रात 9 बजे तक और अवकाश के दिनों में भी मीटिंग एवं गूगल मीट कराने को श्रम और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।
अधिकारियों को हटाने की मांग, हड़ताल जारी
संयुक्त मोर्चा संगठन ने वर्ष 2025 से अब तक की गई विभागीय कार्रवाइयों को निरस्त करने और कलेक्टर तथा जिला पंचायत सीईओ को जिले से हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का पूरा अमला अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगा।


