रीवा में थाना प्रभारियों की पदस्थापना, उपमुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक दरकिनार
जोन अफ़सर ने थाना प्रभारियों की पदस्थापना
रीवा।
जिले में थाना प्रभारियों की हालिया पदस्थापना को लेकर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय बाद रीवा पुलिस में ऐसा मामला सामने आया है जहां थाना प्रभारियों के बदलाव को लेकर न केवल पुलिस महकमे में चर्चा है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नाराजगी के स्वर सुनाई दे रहे हैं। स्थिति यह रही कि कई थाना प्रभारियों को देर रात तक नए स्थानों पर पहुंचकर कार्यभार संभालना पड़ा।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी जल्दबाजी में आदेश जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का आरोप’
पुलिस अधिकारियों के बार बार स्थानांतरण को लेकर वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। पुलिस व्यवस्था में स्थिरता और निष्पक्ष कार्यप्रणाली बनाए रखने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि सामान्य परिस्थितियों में पुलिस अधिकारियों को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर विधानसभा क्षेत्र के थानों में थाना प्रभारी की नियुक्ति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाती रही है लेकिन इस बार कई विधायकों को इसकी जानकारी आदेश जारी होने के बाद मिली। कहा जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री सहित कई विधायको को इस प्रक्रिया से दूर रखा गया जिससे जन प्रतिनिधियों में नाराजी है।
माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं आगामी 30 जुलाई से होने वाली विधानसभा सत्र में भी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के फैसलों को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं। रीवा में हालिया घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि किस इशारे पर यह खेल हो रहा है।
नशे के बढ़ते कारोबार पर भी पुलिस के सामने चुनौती
रीवा जोन में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। हाल के समय में एमडी ड्रग्स सहित अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आए हैं। यह अपने आप में बड़ा सवाल है कि आखिर इतनी मात्रा में नशीले पदार्थ पहुंच कहां से रहे हैं कौन लोग इस नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं ?
पुराने विवादित पुलिसकर्मी बन रहे सलाहकार
सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जिन पर पहले विभागीय स्तर पर सवाल उठे थे या जिनका स्थानांतरण किया गया था वे अब प्रभावशाली भूमिका में नजर आ रहे हैं। रीवा में थाना प्रभारियों की पदस्थापना से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस प्रशासन की कार्यशैली तक पहुंच गया है।


