डॉ. दिनेश पटेल पर गंभीर आरोप – रीवा के भगवती अस्पताल में घायल मरीज से कथित वसूली और लापरवाही
रीवा।
रीवा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सीधे तौर पर निजी भगवती अस्पताल और वहां के डॉक्टर दिनेश पटेल पर लग रहे हैं जहां एक सड़क हादसे में घायल मरीज के साथ कथित लापरवाही, देरी और भारी-भरकम वसूली का मामला सामने आया है।
सेमरिया थाना क्षेत्र के डढ़िया निवासी 60 वर्षीय रामभाई मिश्रा गुरुवार शाम करीब 6 बजे मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। बकिया के पास सपहा गांव के नजदीक उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सिर में गंभीर चोट, खून से लथपथ हालत फिर भी उन्होंने परिवार को फोन कर बताया, “हमारा एक्सीडेंट हो गया है… उन्हें पहले सरकारी अस्पताल की न्यूरो यूनिट ले जाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि वेंटिलेटर खाली होने के बावजूद इलाज से मना कर दिया गया। मजबूरी में घायल को निजी भगवती अस्पताल ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि भगवती अस्पताल में रात 11 बजे तक मरीज होश में था, लेकिन शुक्रवार सुबह 9 बजे के बाद हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार मरीज को रेफर करने की मांग की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन टालमटोल करता रहा।
यह सवाल भी उठ रहा है कि पैसा कमाने के लिए मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार क्या उचित है? आरोप है कि जब एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, तब भी भगवती अस्पताल के स्टाफ ने मरीज को समय पर नहीं सौंपा और एंबुलेंस कर्मियों को वार्ड से बाहर कर दिया। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद ही मरीज को शिफ्ट किया गया।
परिजनों के अनुसार, भगवती अस्पताल ने 16 घंटे के इलाज के लिए 40 हजार रुपये, डॉक्टर विजिट के 6 हजार रुपये और अन्य शुल्क मिलाकर करीब 1 लाख रुपये वसूले। साथ ही बिल की रसीद देने में भी आनाकानी की गई।
मरीज के परिजनों का आरोप लगाया कि डॉ. दिनेश पटेल ने रात भर में 1 लाख रुपये लिए और समय पर रेफर भी नहीं किया।

वहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. राकेश पटेल के खिलाफ पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं और आए दिन मरीजों के साथ ऐसी घटनाएं होने की शिकायतें मिलती रहती हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या निजी अस्पतालों में इलाज सेवा है या सिर्फ कमाई का जरिया बनता जा रहा है? फिलहाल, परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


