पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की हड़ताल समाप्त, सोमवार से काम पर लौटेंगे कर्मचारी
रीवा जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिन से चल रही हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। कलेक्ट्रेट में कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। कर्मचारियों ने आश्वासन दिया है कि सोमवार से सभी विभागीय कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।
काम के दबाव में होती है सख्ती, अपमान का इरादा नहीं – कलेक्टर

शनिवार दोपहर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कलेक्टर ने कर्मचारियों से खुलकर बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई बार काम के भारी दबाव के कारण समीक्षा बैठकों में सख्ती हो जाती है, लेकिन इसका उद्देश्य किसी भी कर्मचारी का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं होता। कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों को एक परिवार का हिस्सा बताते हुए जिले के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। वहीं, जिला पंचायत सीईओ ने भी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए टीम भावना पर जोर दिया।
बैठक में इन 5 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
विभागीय बैठकों में अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्र या असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों के खिलाफ की गई वेतन कटौती, वेतनवृद्धि रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश वापस लिए जाएंगे।
समीक्षा बैठकों के दौरान संविदा कर्मचारियों को अब सेवा समाप्त करने जैसी चेतावनियां देकर दबाव नहीं बनाया जाएगा।
अति-आवश्यक स्थिति को छोड़कर, अवकाश के दिन या तय कार्यालय समय के बाद बैठकें आयोजित नहीं की जाएंगी।
जनपद स्तर की स्थानीय, वित्तीय और तकनीकी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही किया जाएगा, इसके लिए सीधे राज्य स्तर पर दबाव नहीं बनाया जाएगा।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
हड़ताल समाप्त होने से जिले के ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले दो दिनों से ठप पड़े मनरेगा, आवास योजना और पंचायत स्तर के अन्य लंबित कार्य सोमवार से फिर से गति पकड़ेंगे।


