बारिश से पहले सुधरेंगी सड़कें, पानी के बिलों को प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ने में आएगी तेजी
भोपाल।
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (एमपीयूडीसी) प्रदेश में चल रही जलप्रदाय और सीवरेज (मलजल) परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गई है।
भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा नगर प्रबंधन संस्थान में आयोजित एक उच्च स्तरीय एकदिवसीय समीक्षा बैठक में कम्पनी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक (एएमडी) श्री दिव्यांक सिंह ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि आगामी मानसून को देखते हुए सड़कों की मरम्मत (रोड रेस्टोरेशन) का काम प्राथमिकता के आधार पर बारिश शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए।

बैठक में प्रदेशभर की कुल 134 पूर्ण और प्रगतिरत परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। एएमडी श्री सिंह ने डिजिटल गवर्नेंस और राजस्व प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए संविदाकारों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं के पानी के बिल समय पर जनरेट कर वितरित किए जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने वाटर आईडी को प्रॉपर्टी आईडी से लिंक करने की प्रक्रिया को मिशन मोड में तेज करने के निर्देश दिए, ताकि नगरीय निकायों के राजस्व और उपभोक्ता प्रबंधन में पारदर्शिता आ सके।
परियोजनाओं में नहीं चलेगी लेती-देती, आपसी तालमेल से काम करें ठेकेदार और अफसर
अतिरिक्त प्रबंध संचालक ने मैदानी स्तर पर काम कर रहे परियोजना प्रबंधकों (पीएम) को हिदायत दी कि वे प्रोजेक्ट के अनुबंधों (कॉन्ट्रैक्ट्स) का गहराई से अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि परियोजना क्रियान्वयन के दौरान आने वाली किसी भी तकनीकी या व्यावहारिक समस्या को दबाकर न रखें, बल्कि समय रहते वरिष्ठ प्रबंधन के संज्ञान में लाएं ताकि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान निकाला जा सके।
काम में तेजी लाने के लिए उन्होंने प्रबंधन इकाई, क्रियान्वयन इकाई, स्थानीय निकाय और संविदाकारों को एक टीम की तरह आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।
अंतर-विभागीय एनओसी के मामलों पर भी हुआ मंथन
प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा तय करते हुए श्री सिंह ने संविदाकारों को चेतावनी दी कि तय शेड्यूल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का ब्यौरा प्रमुख अभियंता श्री आनंद सिंह एवं मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सामने रखा गया।
इस दौरान एमपीआरडीसी, एनएचएआई, जल संसाधन विभाग और एमपीआरडीए जैसे अन्य सरकारी विभागों से मिलने वाली अनुमतियों और अनापत्ति प्रमाण पत्रों (एनओसी) के लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक का सफल समन्वय उप परियोजना संचालक (प्रशासन) श्री राजीव रंजन पांडे द्वारा किया गया।
बैठक में प्रदेश की सभी 10 क्षेत्रीय इकाइयों के परियोजना प्रबंधक, सहायक परियोजना प्रबंधक, अनुबंधित संविदाकार और प्रोजेक्ट कंसलटेंट फर्मों के तकनीकी विशेषज्ञ मुख्य रूप से मौजूद रहे।


